Literature is a mirror of society

mohit grover release book

गुरुग्राम। साहित्य समाज का दर्पण होता हैं। समाज मे जो भी अच्छा व बुरा होता है साहित्य उसे सच के साथ दिखाता है। अच्छे साहित्य का हमारे जीवन में वही महत्व रखते हंै जो एक अच्छे मित्र, माता-पिता, अच्छे गुरू का है। उक्त विचार युवा समाजसेवी मोहित ग्रोवर ने गुरुग्राम के लेखक मंजीत कुमार द्वारा रचित ‘एक कोशिश रिश्तों को समेटने की’ पुस्तिका का विमोचन करते हुए कही।

श्री ग्रोवर ने कहा कि रचनाकार की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी लेख को निष्पक्ष रुप से लिखे। साहित्य दर्पण की भांति है, समाज की दशा को प्रतिबिम्बित करता है। साहित्य किस प्रकार का है या समाज पर किस तरह का प्रभाव डालता है यह साहित्यकार की कलम की सोच पर निर्भर करता है। साहित्य की रचना मानव मस्तिष्क की अनुपम देन है।

जीवन के हर मोड़ पर साहित्य व्यक्ति का मार्गदर्शन करने को तैयार रहता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे देशभक्ति व समाजहित से प्रेरित साहित्यों का अध्ययन अवश्य करें। पुस्तिका के लेखक मंजीत कुमार ने बताया कि पुस्तिका को गोया पब्लिशिंग की ओर से दिल्ली, कोलकाता हैदराबाद आदि शहरों में प्रकाशित किया गया है। जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, हालातों को पुस्तिका में समाहित किया गया है।

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